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पेपर लीक पर मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का मजबूत संकल्प: जयराम ठाकुर

 

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने पर बोले जयराम ठाकुर, सदन में वार्ता के बजाय अराजकता को समर्थन देने पर कांग्रेस को भी घेरा।

शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता किसी भी राष्ट्र की प्रतिभा-आधारित व्यवस्था की आधारशिला होती है। पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के सपनों को तोड़ती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं। ऐसे में मोदी सरकार द्वारा कानून को और अधिक सख्त बनाते हुए पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान करना यह स्पष्ट संदेश देता है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब देश में कोई स्थान नहीं है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि संशोधित प्रावधानों के तहत दोषियों के लिए अधिकतम 10 वर्ष के कठोर कारावास, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने तथा मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था यह साबित करती है कि केंद्र सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि समस्या की जड़ पर प्रहार करने वाले ठोस और प्रभावी निर्णय लेती है। यह कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा तथा ईमानदारी से तैयारी करने वाले लाखों युवाओं का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करेगा।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल युवाओं के नाम पर लगातार राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों और युवाओं के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे संसद और विधानसभाओं में सकारात्मक एवं रचनात्मक चर्चा के माध्यम से व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहयोग देना चाहिए। लोकतंत्र में कानूनों और नीतियों पर गंभीर विमर्श से समाधान निकलते हैं, जबकि सड़कों पर अराजकता फैलाकर और युवाओं को भ्रमित कर केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र की शक्ति सदन में होने वाली सार्थक चर्चा, सुझाव और बहस में निहित है। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का मार्ग संवाद, सुधार और विधायी प्रक्रिया से होकर जाता है, न कि अराजकता, भ्रामक प्रचार और राजनीतिक उकसावे से। देश के युवाओं को न्याय दिलाने और उनकी मेहनत का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह सशक्त कदम परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगा तथा देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। यह कानून उन सभी अभ्यर्थियों के लिए आश्वस्ति का संदेश है जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

 

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