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सफलता की कहानी हिमाचल प्रदेश का पहला महिला संचालित मिनरल वाटर प्लांट “HIMJAL” ठाणा में शुरू ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : विनीत ठाकुर

चौपाल, शिमला:
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत विकास खंड चौपाल की ग्राम पंचायत ठाणा में हिमाचल प्रदेश का पहला महिला संचालित मिनरल वाटर प्लांट “HIMJAL” शुरू किया गया है। इस प्लांट का संचालन एवं प्रबंधन महिला ग्राम संगठन ठाणा से जुड़ी महिलाओं द्वारा किया जाएगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (HPSRLM) के अंतर्गत की गई है।
मिनरल वाटर प्लांट का शुभारंभ  हेम चंद वर्मा,
उपमंडलाधिकारी (नागरिक), चौपाल,  जंगवीर वन मंडलाधिकारी (DFO), चौपाल तथा सुशांत शर्मा उप पुलिस अधीक्षक (DSP), चौपाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी चौपाल  विनीत ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा महिला ग्राम संगठन ठाणा की सदस्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
परियोजना के लिए महिला ग्राम संगठन ठाणा को HPSRLM के माध्यम से 13.80 लाख रुपये की ऋण सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इस राशि से मिनरल वाटर प्लांट की स्थापना एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्लांट का संचालन, प्रबंधन, विपणन, पैकेजिंग तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां महिला ग्राम संगठन से जुड़ी महिलाओं द्वारा संचालित की जाएंगी।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी चौपाल  विनीत ठाकुर ने कहा कि HPSRLM के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों एवं उनके संगठनों को केवल बचत और ऋण गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्थायी, लाभकारी एवं बाजारोन्मुख ग्रामीण उद्यमों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठाणा में “HIMJAL” के रूप में शुरू किया गया यह महिला संचालित उद्यम महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ग्रामीण महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। साथ ही, महिलाओं को उद्यमिता, व्यवसायिक प्रबंधन, विपणन, पैकेजिंग और वित्तीय संचालन का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।
 विनीत ठाकुर ने महिला ग्राम संगठन ठाणा की महिलाओं को नए उद्यम के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “HIMJAL” की सफलता अन्य महिला ग्राम संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए भी प्रेरणा का कार्य करेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला ग्राम संगठन की सदस्यों को प्लांट के सुचारू संचालन के साथ-साथ पेयजल की गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विकास खंड चौपाल द्वारा भविष्य में भी HPSRLM के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों एवं उनके संगठनों को स्थानीय संसाधनों, उपलब्ध कौशल और बाजार की मांग के अनुरूप विभिन्न आय-सृजन गतिविधियों एवं सामुदायिक उद्यमों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
“HIMJAL” ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित आत्मनिर्भरता की ओर एक सशक्त कदम है। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमिता और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
-एक लीटर बोतल आएगी 11 रुपए में
फिलहाल में   विलेज आर्गेनाइजेशन ने एक लीटर पानी की बॉटल की कीमत 11 रुपए  तय की है। जो कि बाजार में उपलब्ध पानी की बोतलों से काफी सस्ता है।

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