शिमला, 02 नवंबर।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जल संकट की चुनौती से निपटने और प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण के लिए शिमला जल प्रबंधन निगम और रोटरी क्लब ऑफ शिमला रॉयल ने हाथ मिलाया है। दोनों संस्थाओं ने शहर में जल संरक्षण और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत जल संरक्षण के कार्यों में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
एसजेपीएनएल के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ इंजीनियर वरिंदर सिंह ठाकुर और रोटरी क्लब ऑफ शिमला रॉयल, पंथाघाटी के अध्यक्ष रोटेरियन इंजीनियर पंकज डडवाल ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य जल संसाधनों की सुरक्षा, पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और जल आपूर्ति व्यवस्था को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप मजबूत बनाना है।
समझौते के तहत स्कूलों में जल संरक्षण को लेकर सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। लोगों को पानी की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा प्राकृतिक जलस्रोतों और चश्मों के पुनर्जीवन, उनके जलग्रहण क्षेत्रों की सफाई तथा वर्षा जल संग्रहण प्रणालियों को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पेयजल लाइनों में लीकेज की पहचान और इसकी सूचना संबंधित विभाग तक पहुंचाने के लिए भी सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और वार्ड समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर जल आपूर्ति से जुड़ी जानकारियां साझा करने और शिकायतों के त्वरित निवारण की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
इस अवसर पर एसजेपीएनएल के जीएम इंजीनियर दिनेश भारद्वाज और एजीएम इंजीनियर आदेश भोटा सहित रोटरी क्लब के एमआर शारदिया, पंकज चौहान, विजय कुमार तथा पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीडीजी वीपी काल्टा भी मौजूद रहे।










