बाराबंकी उत्तर प्रदेश-
बाराबंकी में नीतेश मौर्य हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। एसपी रवीना त्यागी के निर्देश पर स्वाट, सर्विलांस और बड्डूपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद हुई है।
पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह 14 लाख रुपये की लेनदेन और धान खरीद के कारोबार में करीब 10 लाख रुपये के कथित घपले की रंजिश थी। इसके अलावा एक महिला से बातचीत को लेकर भी विवाद सामने आया है।
पुलिस का दावा है कि पैसों के विवाद में नीतेश की हत्या की साजिश रची गई और इसके लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। 29 अक्टूबर को बहन के घर से लौट रहे नीतेश को आरोपियों ने बड्डूपुर क्षेत्र में रास्ते से गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद उन्हें सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र ले जाया गया, जहां धारदार हथियार से गला काटकर उनकी हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने विशेष टीमें गठित की थीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 31 अक्टूबर को भगौली पुलिया के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज मौर्य, अंकित गुप्ता, दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा और अमरेन्द्र वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में हत्या की साजिश और सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है।
महज दो दिनों में हत्याकांड का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार करना बाराबंकी पुलिस की बड़ी कामयाबी है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।










