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मुख्यमंत्री झूठ बोलना बंद करें, थोड़ा इतिहास के पन्ने भी पलट लीजिए : नादौन मेडिकल कॉलेज को लेकर मुख्यमंत्री के दावे पर पूर्व विधायक का पलटवार, कहा- 2014 में नादौन का विधायक मैं था, सुक्खू नहीं ,  विजय अग्निहोत्री

 
नादौन/हमीरपुर, 20 सितंबर 2026:
भाजपा नेता एवं नादौन के पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सार्वजनिक मंचों से बयान देने से पहले इतिहास के पन्ने पलटकर तथ्यों की जानकारी अवश्य ले लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोलना बंद करें और जनता को गुमराह करने के बजाय वास्तविक तथ्यों के आधार पर बात करें।
विजय अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने हालिया नादौन दौरे के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर (डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज) को लेकर जिस तरह के दावे कर रहे हैं, वे उस समय की राजनीतिक स्थिति से मेल नहीं खाते। वर्ष 2014 में न तो सुखविंद्र सिंह सुक्खू नादौन के विधायक थे और न ही उस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उस दौरान प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, जबकि वर्ष 2012 से 2017 तक नादौन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व स्वयं विजय अग्निहोत्री कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनसभा में दावा किया था कि 22 फरवरी 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति दी थी, 1 मार्च 2014 को इसके लिए 179 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया था और वन स्वीकृति भी उनके विधायक रहते हुए दिलवाई गई थी। विजय अग्निहोत्री ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि जब वर्ष 2014 में नादौन से विधायक विजय अग्निहोत्री थे, तो वे किस हैसियत से अपने विधायक रहते वन स्वीकृति दिलवाने का दावा कर रहे हैं?
विजय अग्निहोत्री ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 393 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक भूमि और अन्य वैधानिक स्वीकृतियां उपलब्ध नहीं करवाई थीं। वर्ष 2017 में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद ही इन आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में कार्य हुआ।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विकास कार्यों का श्रेय लेने की जल्दबाजी में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं करना चाहिए। नादौन की जनता उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों और विकास कार्यों की वास्तविकता से भली-भांति परिचित है। मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में बयानबाजी से अधिक महत्व तथ्यों और ऐतिहासिक सच्चाई का होता है।
विजय अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे राजनीतिक बयान देने से पहले संबंधित दस्तावेजों और उस समय के घटनाक्रम का अध्ययन करें, ताकि प्रदेश की जनता के समक्ष सही तथ्य प्रस्तुत किए जा सकें।

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