[gtranslate]

मासूम बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार और नगर निगम बनाएं ठोस नीति : कर्ण नंदा

शांकली में घर के आंगन से दो वर्षीय मासूम को उठाकर ले गया आवारा कुत्ता, कर्ण नंदा ने आईजीएमसी पहुंचकर परिजनों से की मुलाकात
शिमला, 22 सितंबर। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने शिमला के शांकली क्षेत्र में दो वर्षीय मासूम बच्ची पर आवारा कुत्ते के हमले की घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया है। उन्होंने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) पहुंचकर बच्ची के परिजनों से मुलाकात की, उसका हाल जाना तथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कर्ण नंदा ने कहा कि समाचार के अनुसार शांकली में रविवार शाम घर के आंगन में खेल रही दो वर्षीय बच्ची को एक आवारा कुत्ता उठाकर लगभग 25 मीटर दूर ले गया। स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर बच्ची को कुत्ते से छुड़ाया। हमले में बच्ची के सिर, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर घाव आए हैं तथा उसका आईजीएमसी में उपचार चल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह घटना किसी भी परिवार को झकझोर देने वाली है। घर का आंगन बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। यदि वहां भी मासूम बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे समाज और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
नंदा ने कहा कि इस कठिन समय में बच्ची के परिवार को हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि बच्ची के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई जरूरी
कर्ण नंदा ने कहा कि प्रकाशित समाचार के अनुसार शिमला में आवारा कुत्तों की संख्या 3,500 से अधिक बताई जा रही है। नगर निगम द्वारा 100 से अधिक हमलावर कुत्तों को चिह्नित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम को इन आंकड़ों की अद्यतन स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि चिह्नित कुत्तों के संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
नंदा ने मांग की कि शांकली सहित उन सभी क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण करवाया जाए, जहां आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। विशेष रूप से स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अस्पतालों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रभावी उपाय किए जाएं।
उन्होंने सुझाव दिया कि नगर निगम प्रशिक्षित कर्मचारियों की विशेष प्रतिक्रिया टीम गठित करे, जो आवारा कुत्तों से संबंधित गंभीर शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई कर सके। इसके साथ ही शिकायत दर्ज करवाने के लिए समर्पित हेल्पलाइन स्थापित की जाए।
कर्ण नंदा ने कहा कि आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान को तेज किया जाना चाहिए। आक्रामक या रेबीज संदिग्ध कुत्तों के संबंध में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में कानूनसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि नगर निगम को कचरा प्रबंधन व्यवस्था में भी सुधार करना चाहिए, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य अपशिष्ट के कारण कुत्तों के झुंड एकत्र न हों। साथ ही अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक उपचार की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सरकार और प्रशासन तय करें जवाबदेही
कर्ण नंदा ने कहा कि इस घटना की परिस्थितियों की जांच की जानी चाहिए। संबंधित क्षेत्र में पहले प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने कहा कि पशु कल्याण और नागरिक सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं। समस्या का समाधान वैज्ञानिक, मानवीय और कानूनसम्मत तरीके से किया जाना चाहिए।
कर्ण नंदा ने कहा कि शांकली की मासूम बच्ची के साथ हुई घटना दोबारा किसी परिवार के साथ न हो, इसके लिए सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगम को तत्काल एक समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसे धरातल पर लागू करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा से बढ़कर कोई प्राथमिकता नहीं हो सकती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शहर चुनें