शिमला, 25 अगस्त 2026: सेंट एडवर्ड्स स्कूल, शिमला में सीबीएसई स्किल एक्सपो एवं गाइडेंस फेस्टिवल 2026-27 का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, उद्योग जगत के पेशेवरों और विद्यार्थियों ने एक मंच पर एकत्रित होकर कौशल शिक्षा, नवाचार, रचनात्मकता तथा उभरते हुए करियर अवसरों का उत्सव मनाया।
उद्घाटन समारोह में डीजीपी श्री अशोक तिवारी एवं डीआईजी सुश्री अंजुम आरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. बिस्वजीत साहा (प्रोफेसर एवं निदेशक, कौशल शिक्षा विभाग, सीबीएसई); श्री सतीश पाहल (संयुक्त निदेशक, कौशल शिक्षा विभाग, सीबीएसई, नई दिल्ली); डॉ. गौरव कपूर (कौशल विकास विशेषज्ञ, दिल्ली); डॉ. शक्ति अरोड़ा (साइबर विशेषज्ञ, पानीपत); तथा सुश्री करिश्मा गुप्ता (टेरिटरी मैनेजर, टर्निंटिन, दिल्ली) शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों के हार्दिक स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात पारंपरिक दीप प्रज्वलन किया गया, जो ज्ञान, अवसर और नवाचार के प्रकाश का प्रतीक है। सेंट एडवर्ड्स स्कूल के प्रधानाचार्य रेव. फादर हेनरी जोसेफ राज ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया तथा कार्यक्रम की परिकल्पना और उद्देश्यों से सभी को अवगत कराया।
सभा को संबोधित करते हुए डीजीपी श्री अशोक तिवारी ने युवाओं को व्यावहारिक कौशल, अनुकूलनशीलता तथा तकनीक के जिम्मेदार उपयोग से सशक्त बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर मार्गों से आगे बढ़कर उभरते हुए अवसरों की खोज करने तथा भविष्य की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात प्रधानाचार्य रेव. फादर हेनरी जोसेफ राज एवं फादर जे. डिक्सन द्वारा सभी विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान कौशल शिक्षा एवं करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान का प्रतीक रहा।
सीबीएसई स्किल एक्सपो 2026-27 ने विद्यार्थियों को अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से व्यावसायिक कौशल, रचनात्मकता, नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया। इस वर्ष के एक्सपो में सात समसामयिक एवं भविष्य उन्मुख विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया: एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स; पर्यावरण एवं सतत विकास; स्वास्थ्य एवं कल्याण; वित्तीय साक्षरता; पर्यटन एवं आतिथ्य; कृषि एवं ग्रामीण विकास; तथा सूचना प्रौद्योगिकी।
पच्चीस विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इन विषयों पर आधारित विभिन्न परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं। एक्सपो में अकादमिक एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण को और समृद्ध करते हुए, परियोजना प्रस्तुतियों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें सुश्री पायल खन्ना (पुरस्कार-विजेता कोच एवं लेखिका); श्री ध्रुव ब्राग्टा (उपाध्यक्ष एवं क्लस्टर प्रमुख, एचडीएफसी बैंक); श्री कुणाल सिंह चौहान (सह-संस्थापक, प्रोग्रेसिव ग्रोअर्स एसोसिएशन); तथा डॉ. दिग्विजय सिंह ठाकुर (न्यूरोसर्जन, आईजीएमसी) शामिल रहे। विशेषज्ञों के मूल्यांकन ने विद्यार्थियों को अपनी परियोजनाओं की रचनात्मकता, प्रासंगिकता, नवाचार और व्यावहारिक उपयोगिता के संबंध में बहुमूल्य पेशेवर प्रतिक्रिया एवं प्रोत्साहन प्रदान किया।
गाइडेंस फेस्टिवल ने स्किल एक्सपो को एक सार्थक शैक्षणिक आयाम प्रदान किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उभरते हुए करियर अवसरों तथा तेज़ी से बदलती दुनिया में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित होने का अवसर मिला। विशेषज्ञों एवं पेशेवरों के साथ संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने करियर के विभिन्न मार्गों, उद्योग जगत की अपेक्षाओं, तकनीक तथा भविष्य के आवश्यक कौशलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
सेंट एडवर्ड्स स्कूल, शिमला में इस आयोजन की मेज़बानी संस्था की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानने, व्यावहारिक दक्षताएँ विकसित करने तथा कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक दुनिया के अवसरों और चुनौतियों से जोड़ने के लिए सार्थक मंच प्रदान किए जाते हैं। यह आयोजन विद्यार्थियों को कौशल, नवाचार, रचनात्मकता और आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।









