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सांसद सुरेश कश्यप के प्रश्न पर केंद्र सरकार का बड़ा खुलासा, पीएम सूर्य घर योजना से देशभर में 48.80 लाख से अधिक परिवार हुए लाभान्वित

 

हिमाचल में 11,835 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, 87 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता जारी

प्रेस नोट

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप द्वारा लोकसभा में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) के क्रियान्वयन, राज्यों में प्रगति, केंद्रीय वित्तीय सहायता, सब्सिडी वितरण, डिस्कॉम की तैयारी तथा हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में योजना की स्थिति को लेकर पूछे गए प्रश्न का केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येस्सो नाइक ने विस्तृत उत्तर दिया।

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत फरवरी 2024 से 27 जुलाई 2026 तक देशभर में 40,45,298 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे 48,80,796 परिवार लाभान्वित हुए हैं। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 27,343.90 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) जारी की जा चुकी है।

मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि हिमाचल प्रदेश में अब तक 11,835 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 11,868 परिवार लाभान्वित हुए हैं तथा राज्य में 87 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता जारी की गई है। जिला स्तर पर सबसे अधिक स्थापना कांगड़ा (2,306) और हमीरपुर (2,281) में हुई है, जबकि मंडी, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर, सोलन, चंबा, शिमला, कुल्लू, किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति में भी योजना का लाभ लोगों तक पहुंचा है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना की पूरी प्रक्रिया आवेदन से लेकर सब्सिडी वितरण तक ऑनलाइन है तथा सभी आवश्यक दस्तावेज सही होने पर औसतन 15 दिनों के भीतर सब्सिडी लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, 10 किलोवाट तक ऑटो लोड एन्हांसमेंट की सुविधा दी गई है, रियायती ब्याज दर पर बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया गया है, प्रशिक्षित विक्रेताओं की संख्या बढ़ाई गई है तथा जागरूकता अभियान और शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत किया गया है।

मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार का अनुमान है कि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित होने पर 1,000 बिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन होगा, जिससे अगले 25 वर्षों में लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना मांग आधारित है और देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों तथा टियर-2 शहरों सहित हिमाचल प्रदेश में भी निरंतर लागू की जा रही है।

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