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राज्यसभा में डॉ. सिकंदर कुमार ने उठाया एकलव्य विद्यालयों में एआई शिक्षा का मुद्दा

नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने संसद में जनजातीय कार्य मंत्रालय से एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में मेधा एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए।

उन्होंने सरकार से पूछा कि सभी 499 संचालित ईएमआरएस में इस प्लेटफॉर्म को लागू करने की कार्ययोजना और समय-सीमा क्या है। साथ ही 9,000 से अधिक शिक्षकों के लिए एआई आधारित पाठ योजना, त्रि-आयामी शिक्षण सामग्री तैयार करने तथा स्वचालित मूल्यांकन जैसे डिजिटल उपकरणों के उपयोग हेतु प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाने और हिमाचल प्रदेश सहित दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करने के संबंध में भी जानकारी मांगी।

जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने सदन में बताया कि 22 जून 2026 से सभी संचालित ईएमआरएस में दो वर्षीय ‘मेधा एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसे इंटरनेट उपलब्ध होने पर कहीं से भी संचालित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के सभी ईएमआरएस प्राचार्यों को विद्यालयों में आवश्यक इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित एवं सशक्त किया गया है। यह प्लेटफॉर्म शिक्षकों को पाठ योजनाएं, प्रस्तुतियां, प्रश्न बैंक, मूल्यांकन और अन्य शिक्षण सामग्री तैयार करने में सहायता करेगा। वहीं विद्यार्थियों को व्यक्तिगत शिक्षण सहायता, अभ्यास सामग्री, शंका समाधान और भाषा सीखने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि ईएमआरएस शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर सभी विद्यालयों में लागू किया जा चुका है, जिससे शिक्षक एआई आधारित शिक्षण तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।

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