जयराम ठाकुर ने कहा कि कल ही मीडिया के माध्यम से पालमपुर के चुधरेहड़ निवासी रमेश चंद्र की इलाज के अभाव में मौत का मामला दिल दहला देने वाला है। वह वीडियो देखकर मन बहुत व्यथित है। हमारे प्रदेश के लोगों की जान से बढ़कर कुछ नहीं है, लेकिन सिर्फ़ डेढ़ लाख रुपये के कारण उनकी जान गई और परिवार बेसहारा हो गया। रमेश चंद्र को दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें तत्काल इलाज की आवश्यकता थी, लेकिन निजी अस्पताल में हिमकेयर बंद होने के कारण उन्हें स्टेंट नहीं लग पाया और टांडा अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। जब हिमकेयर से इलाज होता था तो ऐसा कभी नहीं होता था। मरीज का बिना किसी खर्च के तत्काल इलाज होता था और हज़ारों लोगों की जान बचती थी।
यह मौत दुःखद है। इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार ज़िम्मेदार है। जिस साज़िश के तहत उन्होंने हिमकेयर को बदनाम कर बंद किया है, वह बहुत दुःखद है। सुक्खू सरकार ने जिस योजना ने लाखों लोगों को जीवन दिया, उसी योजना को बंद करके लोगों की जान ले ली। प्रदेश के लोग उन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे।









