नई दिल्ली, 25 जुलाई। नीट परीक्षा और शिक्षा सुधारों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं, जिसके बाद आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की गई।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार उनकी पहली मांग के अनुरूप केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान दिल्ली सहित भाजपा और सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने पर भी सरकार ने सहमति जताई है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि एफआईआर की प्रतियां जल्द उपलब्ध करा दी जाएंगी तथा भविष्य में आंदोलन से जुड़े किसी भी प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
आंदोलनकारियों ने बताया कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को नियमों के तहत अधिकतम संभव अनुग्रह (Honorary) मुआवजा देने पर भी सहमति बनी है। वहीं, परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों से जुड़े पांच सूत्रीय मांगपत्र पर सरकार ने चार सप्ताह के भीतर प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा करने का आश्वासन दिया है।
सरकार की ओर से वार्ता में शामिल प्रतिनिधि ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया है और सहमति बने बिंदुओं को लागू किया जाएगा। इसके बाद आंदोलनकारी नेताओं ने सभी प्रदर्शनकारियों से तत्काल प्रभाव से शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की।








