शिमला, 25 जुलाई। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा द्वारा प्रस्तावित जन आंदोलन को राजनीतिक ढकोसला और जनता का ध्यान भटकाने का असफल प्रयास बताया है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा को प्रदेश की जनता के बीच जाने से पहले नीट पेपर लीक, राम मंदिर निर्माण के नाम पर एकत्रित चंदे में कथित अनियमितताओं तथा अपने शासनकाल की विफलताओं पर जवाब देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री विनोद ज़िंटा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा के किसी भी तथाकथित जन आंदोलन का प्रदेश की जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता भाजपा के “असल चेहरे” को पहचान चुकी है और उसके दुष्प्रचार में आने वाली नहीं है।
ज़िंटा ने कहा कि भाजपा को पहले अपने नेतृत्व और कार्यशैली का आत्ममंथन करना चाहिए। उनका आरोप है कि आपदा जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में भी भाजपा ने राजनीतिक अवसर तलाशने का प्रयास किया और भ्रष्टाचार तथा अवसरवाद की राजनीति करने वाली पार्टी अब नैतिकता की बात नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पास प्रदेश सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार जनहित और विकास के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि भाजपा केवल भ्रम फैलाकर अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रदेश भाजपा गुटबाजी और नेतृत्व संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में जनता भाजपा को जवाब दे चुकी है और आगामी विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस के विकास, स्थिरता और जनकल्याण के एजेंडे पर अपनी मुहर लगाएगी।









