मातृवंदना संस्थान शिमला द्वारा प्रकाशित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रश्मीश सिंह सपेइया द्वारा रचित ‘हिमगिरि सा चुपचाप गले’ पुस्तक का लोकार्पण एवं समीक्षा समारोह 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को गौथिक हॉल, गेयटी थिएटर, शिमला में किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सिकंदर कुमार (पूर्व कुलपति एवं राज्यसभा सांसद) उपस्थित रहेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में श्री बनवीर जी (उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. वीरसिंह रांगड़ा (मा. प्रांत संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) करेंगे।
यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन चार समर्पित प्रचारकों एवं कर्मयोगियों – ठाकुर राम सिंह जी, किशन चंद राजपूत जी, ठाकुर कुंज लाल जी तथा चेत राम जी के त्याग, तप, संघर्ष और राष्ट्रनिष्ठ जीवन पर आधारित है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हिमाचल प्रदेश में संगठन एवं समाज जीवन के निर्माण हेतु अपना सर्वस्व समर्पित किया। पुस्तक इन प्रचारकों के जीवन के माध्यम से यह संदेश देती है कि राष्ट्र निर्माण केवल विचारों से नहीं, बल्कि निःस्वार्थ सेवा, अनुशासन, समर्पण और सतत कर्म से होता है।
भारत की स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र के पुनर्निर्माण और समाज संगठन के उद्देश्य से अनेक प्रचारकों ने अपना संपूर्ण जीवन अथवा जीवन का महत्वपूर्ण समय समाजकार्य के लिए समर्पित किया। देवभूमि हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी इन प्रचारकों ने गाँव-गाँव जाकर शाखाओं का विस्तार किया, युवाओं में राष्ट्रभाव जगाया तथा सेवा, संस्कार और संगठन की परंपरा को सुदृढ़ किया। पुस्तक इन्हीं चार जीवनों की प्रेरक संघर्षगाथा को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करती है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रसेवा की जीवंत प्रेरणा बनेगी।
मातृवंदना संस्थान के अध्यक्ष डॉ. उमेश मोदगिल तथा सचिव धीरज वर्मा ने प्रदेश के साहित्यप्रेमियों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाने का आग्रह किया है।







