सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने सदन को बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले 18 पारंपरिक ट्रेडो के कारीगरों और शिल्पकारों को समग्र सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने देश भर के रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांगजन पीएमवी कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों की बाजार तक पहुंच और उनके ब्रांड की विजिबिलिटी के प्रचार-प्रसार के लिए रेल मंत्रालय की वन स्टेशन वन प्रोडक्ट स्कीम (ओएसओपी) के साथ सहयोग स्थापित किया है और आज की स्थिति के अनुसार विभिन्न ट्रेडों के 37 दिव्यांग विश्वकर्मा लाभार्थियों को ओएसओपी पहल के तहत विभिन्न स्टेशनों पर स्टालों की सुविधा प्रदान की गई है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि 26,607 दिव्यांगजनों ने पीएम विश्वकर्मा के रूप में सफलतापूर्वक पंजीकरण किया है जिनमें से 21,147 लाभार्थियों को आधारभूत कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके अलावा उद्यम विकास और व्यवसाय विस्तार के लिए 4555 लाभार्थियों को 44.47 करोड़ रूपए की कोलेटरल मुक्त ऋण सहायता स्वीकृत की गई है।
डाॅ. सिकंदर कुमार, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा ने सदन में ओएसओपी और पीएम-विश्वकर्मा के माध्यम से दिव्यांग कारीगरों की आजीविका के विस्तार सम्बन्धी जानकारी मांगी।







