नई दिल्ली/शिमला, 5 अगस्त। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने संसद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्रौद्योगिकी-संचालित राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, स्वचालित निरीक्षण प्रणाली, पूर्वानुमान आधारित रखरखाव, डिजिटल टोल संग्रहण तथा यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग इनविट परियोजना प्रबंधन प्राइवेट लिमिटेड (NHIPMPL) के बोर्ड ने संचालन एवं रखरखाव की दक्षता बढ़ाने के लिए जनरल मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स (GMCs) की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनका चयन गुणवत्ता एवं लागत आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है।
उन्होंने बताया कि जीएमसी के माध्यम से नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, डैशबोर्ड आधारित कैमरा सर्वेक्षण तथा फॉलिंग वेट डिफ्लेक्टोमीटर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर राष्ट्रीय राजमार्गों की नियमित निगरानी की जाएगी, जिससे समय रहते आवश्यक सुधार किए जा सकें।
केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि पायलट परियोजना के तहत 1,195 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों का संचालन एवं रखरखाव पांच चयनित जीएमसी को सौंपा गया है, ताकि सड़क परिसंपत्तियों का पेशेवर और तकनीक आधारित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
यात्रियों की सुरक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि जीएमसी नियमित सुरक्षा ऑडिट, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान, सुधारात्मक डिजाइन, लागत अनुमान तथा सुरक्षा कार्यों के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। इसके अलावा एम्बुलेंस, मार्ग गश्ती वाहन, क्रेन सहित घटना प्रबंधन सेवाओं की तत्परता, उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली, यातायात नियंत्रण प्रणाली तथा मल्टी लेन फ्री फ्लो जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से दुर्घटना प्रतिक्रिया समय कम करने और टोल प्लाजा पर यातायात जाम की समस्या को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राष्ट्रीय राजमार्ग अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेंगे तथा सड़क अवसंरचना के बेहतर प्रबंधन में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।







